Friday, 24 November 2017

Kidney Stone Ka ilaj in Hindi | किडनी स्टोन का इलाज इन हिंदी 

Ayurvedic Treatment for Kidney Stones in Hindi - गुर्दे की पथरी (Gurde ki Pathri) की समस्या तब पैदा होती है जब गुर्दे (Kidney) के अंदर छोटे-छोटे पत्थर बन जाते है। ये आमतौर पर मध्य आयु यानि चालीस साल या उसके बाद पता लगने शुरू होते है। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। गुर्दे की पथरी कम आयु वाले बच्चों और युवाओं में भी देखने को मिलती है। आज इस लेख में हम गुर्दे / किडनी के पथरी का निदान और उपचार कैसे किया जाता है यह जानकारी दे रहे हैं।
Kidney Stone Ka ilaj in Hindi | किडनी स्टोन का इलाज इन हिंदी

प्राकृतिक घर उपाय गाजर का रस, चुकंदर का रस और ककड़ी का रस का उपयोग कर

  • 250 मिलीलीटर गाजर का रस ले लो 
  • 100 मिलीलीटर चुकंदर का रस जोड़ें 
  • 100 मिलीलीटर ककड़ी का रस जोड़े 
  • अच्छी तरह मिलाएं 
  • एक बार हर रोज 
  • यह एलर्जी की प्रतिक्रिया को कम करने में मदद करता है और मौजूदा एलर्जी शान्त करता है ! 

प्राकृतिक घर उपाय नींबू और शहद का उपयोग कर

नींबू शरीर से विषाक्त पदार्थों को फ्लश में मदद करता है। यह एक एंटीबायोटिक है और एंटी एलर्जी गुण है

  • 1 गिलास गुनगुने पानी ले लो 
  • निचोड़ यह आधा नींबू 
  • जोड़े 1 चम्मच शहद 
  • अच्छी तरह मिलाएं 
  • एक खाली पेट पर पीने के

Kidney Stone Ka ilaj in Hindi | किडनी स्टोन का इलाज इन हिंदी 

किडनी की पथरी का आकार छोटा होने पर वह औषधि और घरेलू उपाय से भी ठीक हो सकती हैं। 8 mm से छोटे आकार की पथरी होने पर वह पेशाब के रास्ते आसानी से बाहर निकल सकती हैं।
  1. पानी / Water : दिनभर में 3 से 4 लीटर पानी पीना चाहिए। अगर गर्मी का मौसम है या किसी वजह से शरीर को अधिक पानी की आवश्यकता है तो अधिक पानी पीना चाहिए। डॉक्टर की सलाह से पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। बोरिंग और कुए का पानी अधिक क्षार, खनिज या लवण युक्त है तो मिनरल पानी या बोतलबंद पानी पीना चाहिए। रोजाना इतना पानी पीना चाहिए की आपको 2 लीटर पेशाब होना चाहिए।
  2. दर्द नाशक दवा / Pain Killers : पथरी के कारण असहनीय पेट दर्द होता हैं। जब भी पथरी अपनी जगह से निचे की और सरकती हैं तो पेट में दर्द होता हैं। पेट दर्द को कम करने के लिए डॉक्टर दर्दनाशक दवा देते है जिनका इस्तेमाल केवल जरुरत पड़ने पर ही करना चाहिए। यह एक ही ऐसा रोग है जिसमे पेट में दर्द होने पर रोगी को खुश होना चाहिए क्योंकि पेट दर्द का मतलब आपकी पथरी निचे की ओर आ रही है और बाहर निकलने की तैयारी में हैं।
  3. सहायक दवा / Supportive Treatment : किडनी की पथरी आसानी से पेशाब की नली से बाहर आ जाये इसलिए पेशाब के नली को शिथिल करने के लिए अल्फा ब्लॉकर दवा दी जाती हैं।
  4. कैल्शियम की पथरी : कैल्शियम की पथरी होने पर डॉक्टर अधिक पेशाब होने की दवा देते हैं। कैल्शियम सप्लीमेंट की दवा नहीं लेनी चाहिए।
  5. यूरिक एसिड की पथरी : यूरिक एसिड की पथरी होने पर एक विशेष दवा का कोर्स किया जाता है जो इस पथरी को गला देता हैं। पेशाब को क्षारीय / Alkaline रखने के लिए भी दवा दी जाती हैं।  
  6. स्ट्रूवाइट पथरी : पेशाब के संक्रमण और उसके दुष्परिणाम से बचाने के लिए डॉक्टर आपको विशेष एंटीबायोटिक दवा देते हैं। जरुरत पड़ने पर रोगी को लम्बे समय तक यह दवा लेना होता हैं।
  7. सिस्टीन पथरी : इस प्रकार की पथरी को ठीक करना थोड़ा मुश्किल होता हैं। जरुरत पड़ने पर रक्त में सिस्टीन की मात्रा कम करने के लिए दवा दी जाती हैं।
  8. आयुर्वेदिक दवा / Herbal Medicine : किडनी की पथरी को गलाने और निकालने के लिए कई आयुर्वेदिक दवाओं का उपयोग प्रभावी रूप से किया जाता हैं। पाषाणभेद, पुनर्नवा, गोखरू, यवक क्षार, मूली क्षार, हजरुल यहूद भस्म जैसे आयुर्वेदिक दवाओं को समिश्र रूप में उपयोग करने से किडनी की पथरी में बेहद अच्छा परिणाम मिलता हैं। इनका उपयोग डॉक्टर की सलाह से उचित ,मात्रा में और निश्चित समय तक ही करना चाहिए।
  9. योग : किडनी की पथरी को दूर करने के लिए आप योग का सहारा भी ले सकते हैं। सम्पूर्ण शरीर की तरह किडनी के सर्वांगीण स्वास्थ्य के लिए भी योग उपयोगी हैं। पथरी को दूर करने के लिए आप निचे दिए हुए आसन कर सकते हैं। योग की विधि जानने के लिए योग के नाम पर click करे।
  • कपालभाति, भुजंगासन, पवनमुक्तासन, धनुरासन, हलासन 

Thursday, 16 November 2017

Bawaseer ka ilaj hindi mai | बवासीर का इलाज हिंदी में 

Piles Bawaseer Treatment in Hindi


बवासीर दो प्रकार की होती है - अंदर की और बाहर की।

अंदर की बवासीर मे मस्से अंदर को होते है। गोल - चपटे उभरे हुए मस्से चने - मसूर के दाने बराबर होते है। कब्ज की वजह से जब अंदर का मस्सा शौच करते समय जोर लगाने पर बाहर आ जाता है, तो मरीज दर्द से तड़प उठता है और मस्से छिल जाए तो जख्म हो जाता है। बाहर की बवासीर मे मस्सा गुदा वाली जगह पर होता है, इसमे दर्द नही होता। कभी-कभी खारिश या खुजली होती है। कब्ज होने पर इससे इतना खून आने लगता है कि मरीज खून देख के घबरा जाता है और चेहरा पीला पड़ जाता है।

लक्षण : बवासीर से मरीज का हाजमा खराब हो जाता है। भूख नही लगती, कब्ज रहने लगती है। पेट मे कभी कभी गैस बनने लगती है । मेदा, दिल, जिगर कमजोर हो जाते है। आमतौर से सारीरिक कमजोरी हो जाती है। मरीज के मुह पर हल्की सूजन भी आ जाती है।

उपाय: 50 ग्राम रीठे लेकर तवे पर रखकर कटोरी से ढ़क दे और तवे के नीचे आधा घंटा आग जलाए। रीठे भस्म हो जाएंगे। ठंडा होने पर कटोरी हटाकर बारीक करके रीठे की भस्म 20 ग्राम, कत्था सफेद 20 ग्राम, कुश्ता फौलाद 3 ग्राम, सबको बारीक करके मिला ले। खुराक 1 ग्राम सुबह को, 1 ग्राम शाम को, 20 ग्राम मक्खन मे रखकर खाए ऊपर से 250 ग्राम गर्म दूध पिये। 10-15 दिन करे, यह बहुत बढ़िया दवा है। खूनी, बादी बवासीर को दूर करेगी।

परहेज : गुड़, गोश्त , शराब, आम, अंगूर न खाए, कब्ज न होने दे और नीचे लिखा मरहम मस्सों पर लगाएं।

मरहम बवासीर : वेसलीन सफेद 50 ग्राम, कपूर 6 ग्राम सलफादायजीन की 3 गोली, बोरिक एसिड 6 ग्राम । सबको बारीक करके वैसलीन मे मिलाकर रात को सोते समय सुबह शौच जाने से पहले दिन मे एक बार रोजाना उंगली के साथ अंदर बाहर मस्सों पर लगाये।

खूनी बवासीर : गेंदे के हरे पत्ते 10 ग्राम, काली मिर्च 5 दाने, कुंजा मिश्री 10 ग्राम, 60 ग्राम पानी मे रगड़कर छानकर 4 दिन तक एक एक बार पिए। गर्म चीज न खाए और कब्ज न होने दे।

Wednesday, 9 November 2016

Ayurvedic Dincharya - Ideal Daily Routine

Dinacharya - A Daily Routine List according to Ayurveda in Hindi

दिनचर्या और स्वास्थ्य 


जीने की कला मे आपकी दिनचर्या का विशेष प्रभाव है।

1. प्रातः जल्दी उठना - सवेरे जल्दी उठने से स्वास्थ्य और आयु की वर्धदि होती है।

2. शौच कर्म - उत्तम स्वास्थ्य के लिए यह कर्म दिन मे दो बार प्रातः व सायंकाल अवश्य करना चाहिए।

3. प्रातः भ्रमण से शरीर की बाहरी और भीतरी सफाई होती है, इसी प्रकार टहलना आराम भी है और कसरत भी।

4. भोजन के सम्बन्ध मे निम्न बातो पर अवश्य ध्यान दे :

> सदैव भोजन अमय पर ही करना चाहिए। अनियमित समय पर भोजन करना स्वास्थ्य के प्रतिकूल है।

> सदा संतुलित भोजन करे। अधिक गरिष्ठ पदार्थो का सेवन स्वास्थ्य के लिय हानिकारक भी हो सकता है।

> भूख से सदैव ही थोड़ा कम भोजन करे।

> भोजन मे जहा तक संभव हो हरी सब्जियां एवं दालो का प्रयोग करे। लाल मिर्च से बचे। वनस्पति घी क बदले थोड़ा शुद्ध घी का प्रयोग करे अथवा बगैर घी के ही भोजन करे।

> तले हुए भोजन देर से पचते है, इनसे बचिए।

> भोजन मे मांस, मछली, अन्डो का प्रयोग मत कीजिए, ये पदार्थ उत्तेजना फेलाते है, इनकी तासीर गर्म होती है तथा सात्विक भोजन की ओर अग्रसर हो।

> गर्म दूध, चाय य कॉफी पीकर तुरंत मत सोइए।

Tuesday, 8 November 2016

Ayurvedic Health Tips in Hindi

Some Important Ayurvedic Tips for Healthy Life in Hindi

जीवन की कुछ महत्वपूर्ण बाते : शास्त्रो मे कहा गया है ।


सड़ा मांस खाना, वरद्दा स्त्री से सम्भोग, आशिवन का सूर्य, तत्काल का जामाया हुआ दही, प्रभात समय का मैथुन एवं निंद्रा - ये 6 प्राण को तत्काल नाश करने वाले होते है।

1. बासी मांस न खाये ।

2. वरद्दा औरत के साथ सहवास न करे ।

3. तुरंत जमा दही न खाये ।

4.गर्भवती औरत के साथ सहवास न करे।

5. रात्रि मे फल न खाये।

6. सूर्य की ओर मुंह करके पेशाब न करे।

7. बरगद, पीपल, मंदिर, नदी व श्मशान मे पेशाब न करे।

8. भोजन के समय क्रोध न करे।

9. दही व मूली एक साथ न खाये।

10. लौकी व उरद की दाल एक साथ न खाये।

11. मछली व दूध एक साथ न खाये।

12. रोग और दुशम को छोटा न समझे।

Monday, 7 November 2016

Ayurvedic Tips for Good Health in Hindi

स्वास्थ्य रक्षा के नियम

यहा पर कुछ प्राक्रतिक नियम स्वास्थ रक्षा के लिए बताये गए है जो हर व्यक्ति के लिए लाभप्रद है !

1. प्रातः काल उठकर कुल्ला करके एक गिलास ताजा जल पीये , सूर्योदय से पूर्व उठे इससे चित अति प्रसन्न रहता है !

2. रात को किसी तांबे के बर्तन में पानी रख दे ! प्रातः काल शौच जाने के पूर्व नित्य उस पानी को पिटे रहने से पाखाना खुलकर आता है , कब्ज नही रहती !

3. शौच करते समय दांतों को खूब दबाकर बैठने से दांत जीवन भर नही हिलते और न कभी लकवा रोग की शिकायत ही होती है !

4. हाथ मुह धोते समय मुह में एक घूंट पानी को भरकर आँखों पर पानी के छीटे दे इससे आँखों की रौशनी बढ़ जाती है !

5. भोजन से पहले हाथ मुह धोये पैरों को धोने से जठराग्नि का मुह खुल जाता है तथा भोजन से पूर्व एक गिलास पानी पिए !

6. भोजन करते समय पानी न पिये अगर विशेष आवश्यकता हो तो एक घूंट ले सकते है ! भोजन के एक घंटे बाद ही पानी पीये इससे भोजन पेट में आसानी से पच जाता है !

7. भोजन क बाद थोड़ी देर के लिए घूमना आवश्यक है ! भोजन के बाद बाया स्वर बंद करने से पाचन शक्ति बढती है ! रात्रि में सोने से पहले पानी पीना हितकारी है !

8. सप्ताह में कम से कम एक बार सरसों के तेल की मालिश अवश्य ही होनी चाहिए ! चिंता करने से जितनी स्वास्थ की हनी होती है उतनी किसी रोग से नहीं होती !

9. खाना कहने के बाद उठकर पेशाब कर लेने से धातुक्षणता की बीमारी नही होती ! स्वप्न्दोश होने का खतरा नही होता !

10. रात को भोजन के तीन घंटे बाद स्त्री पुरुष का संग होना चाहिए ! इससे पूर्व सम्भोग करने से पेट की अनके बीमारिया हो जाती है !

11. स्त्री पुरुष के संग क बाद कभी बच्चे को दूध नही पिलाना चाहिए , इससे बच्चे के स्वास्थ पर बुरा असर पड़ता है !

Wednesday, 21 September 2016

Ayurvedic Benifites of Ashwagandha in Hindi

मोटापे के लिए अशवगन्धा का प्रयोग

जिनको मोटापे की शिकायत है वे अशवगन्धा के 1 – 1 पत्तो को मसलकर सुबह, दोपहर, शाम गरम पानी के साथ तीन दिनों तक पिये ! 15 दिन के बाद फिर ऐसा ही प्रयोग करे !
इसके साथ ही योग करे और खान – पान पर सयंम बरतें ! इससे कुछ ही दिनों में मोटापा कम हो जायेगा ! 

दर्द व सुजन में अशवगन्धा का प्रयोग

जिनको Arthritis है, दर्द है, सुजन है वे अशवगन्धा के पत्तो को उबालकर सेंधा नमक डालकर पकाकर सुजन वाली जगह की सिकाई करे ! इससे सुजन कम हो जाएगी ! गुटने आदि में दर्द है तो अशवगन्धा के बड़े पत्तो में कोई दर्द का तेल लगाकर, गरम कर उस जगह पर बांधे इससे दर्द में आराम मिलेगा !

ह्रदयशूल में अशवगन्धा का प्रयोग

जिनको Angina Pain है, ह्रदयशूल है, वे अर्जुन की छाल व अशवगन्धा को बराबर मात्रा में मिलाकर पाउडर सुबह – शाम सेवन करे ! इससे ह्रदयशूल की परेशानी दूर होगी और ह्रदय को ताकत भी मिलेगी !
खांसी में अशवगन्धा का प्रयोग
जिनको खांसी की शिकायत है वे अशवगन्धा की जड़ का काढ़ा बनाकर पिये ! इससे कुछ ही दिनों में खांसी ठीक हो जाएगी ! खांसी के लिए ये दिव्य औषधि है !

कमजोरी में अशवगन्धा का प्रयोग

जिनको कमजोरी की शिकायत है वे अशवगन्धा का पाउडर कर 1 – 1 चम्मच सुबह – शाम दूध के साथ सेवन करे ! इससे शरीर की ताकत बढ़ेगी, स्फूर्ति आएगी ! जिन पुरुषो को प्रमेह की शिकायत है, औरतो को प्रदर है, कमजोरी है धातु रोग है, उनके लिए भी यह बहुत ही लाभकारी है !

कमर दर्द में अशवगन्धा का प्रयोग

जिनको कमर दर्द की शिकायत है वे अशवगन्धा का पाउडर सुबह – शाम नियमित रूप से सेवन करे ! इससे कमर दर्द में आराम मिलेगा !

How To Increase Sexual Power in Hindi

Natural Ayurvedic Home Remedies To Increase Sexual Power

प्याज को कामशक्ति को बढाने वाला माना गया है ! जिनको कामशक्ति की परेशानी है वे मध्यम आकार के 3 प्याज को 250 – 300 ग्राम दूध में मंद आंच में पकाए ! जब वह मावा जैसा बन जाये तो सुद्ध घी में डालकर मंद आंच पर भुने ! भूनने के बाद 3 - 4 चम्मच शहद डालकर दूध के साथ सेवन करे ! इससे कामशक्ति बढेगी और योनांगो की शिथिलता दूर होगी !

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अमूल्य कथन

1 Amla a day = No Doctor
1 Lemon a day = No Fat
3 liters of Water per day = No Diseases
5 Tulsi Leafs a day = No Cancer
1 Cup milk a day = No bone Problem

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