Thursday, 16 July 2015

वातरोग – गठिया का आयुर्वेदिक इलाज 


  1. प्रतिदिन प्रातः काल तुलसी के पांच पत्ते तथा दो काली मिर्च खाने से वातरोग का नाश होता है !
  2. बुढ़ापे में शरीर में वात तत्व प्रधान हो जाता है ! घुटने से नीचे पैर दबाने से, उसमें तेल मलने से कुपित वात निकल जाता है और वात रोंगों में आराम मिलता है !
  3. कई बार अत्यधिक गर्मी से और मौसम परिवर्तन से भी शरीर में वात बढ़ जाता है ! तब कई बार शरीर में सूजन महसूस होती है, तब पैरो को दबाने से और तेल लगाने से लाभ मिलता है !

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अमूल्य कथन

1 Amla a day = No Doctor
1 Lemon a day = No Fat
3 liters of Water per day = No Diseases
5 Tulsi Leafs a day = No Cancer
1 Cup milk a day = No bone Problem

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